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श्री राम कथा

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  श्री राम कथा श्री राम कथा भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम की कहानी है। अपने अवतार में, भगवान राम मानवता को सिखाते हैं और आदर्श जीवन कैसे जीते हैं। भगवान राम को धार्मिक धार्मिकता के अवतार के रूप में वर्णित किया गया है। भगवान राम के जीवन की कहानी को कवर करने वाले दो मुख्य ग्रंथ हैं: रामायण - महान ऋषि श्री वाल्मीकि जी द्वारा लिखित, और श्री राम चरित मानस - गोस्वामी श्री तुलसीदास जी द्वारा काव्यात्मक रूप से लिखा गया। श्री राम कथा आधुनिक समय के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है जब इन दो शास्त्रों में भगवान राम की महिमा में जिम्मेदारी और अच्छे आचरण के महत्व पर जोर देने की बहुत आवश्यकता है। जहां श्री वाल्मीकि जी की रामायण में भगवान राम को पुरुषों में सर्वोच्च के रूप में दर्शाया गया है, वहीं तुलसीदास जी ने निहित विश्वास और विश्वास के साथ पाठ लिखा है कि राम सर्वोच्च भगवान हैं। गोस्वामी तुलसीदासजी ने श्री राम चरित मानस को काव्यात्मक रूप से अवधी भाषा में लिखा ताकि संस्कृत भाषा में ऋषि वाल्मीकि जी द्वारा मूल कथन से सभी को समझना आसान हो। श्री राम चरित मानस जीवन और धर्म पर तुलसीदास जी के विच...

🎻कीर्तन क्या हैं? ll गुरु गृह सेवाधाम ll नवधा भक्ति क्या है ?

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   🎻कीर्तन क्या हैं? ll  गुरु गृह सेवाधाम ll  नवधा भक्ति क्या है ? सामान्य रूप से देखा जाए तो कीर्तन दो शब्दों से मिल कर बना हैं । कीर्ति + तन = कीर्तन इसका अर्थ ये हुआ के जब तक आप कीर्ति और तन के लिए गाओगे तब तक गायन तो हो सकता हैं लेकिन कीर्तन नहीं हो सकता । कीर्तन क्या हैं और कब करना चाहिए ? गायन करने और कीर्तन करने में फर्क है। गायन तो कोई भी व्यक्ति कर सकता हैं । जिसे स्वर का थोड़ा बहुत ज्ञान हो । या ना भी हो , तो भी वह गा तो सकता ही हैं चाहे स्वर में ताल में गाए या ना गाए । लेकिन कीर्तन , कोई गायन नहीं हैं जो व्यक्ति अपने तन की सुध भूल जाए, जिसे मान अपमान का , संसार का भान ना रहें सम्पूर्ण जगत में केवल और केवल अपने आराध्य का ही दर्शन हो, असल में वही व्यक्ति कीर्तन कर सकता हैं और वही कीर्तन के योग्य भी हैं । मीरा कीर्तन कर रही थी एक गायक वहा से निकाला तो एक बड़े से बोड पर लिख दिया मीरा राग में गाओ । किसी ने मीरा जी से कहा कि एक गायक ने बोड पर लिखा हैं राग में गाओ मीरा तुरंत उठी और राग के आगे अनु लगा दिया और बोली राग में गाओ या ना गाओ अनुराग में गाओ । क्यूँकि कीर्...